khatu shyamji prasad

उदयपुर की कॉलेज लाइफ फिर से जिऊँ - कविता में उदयपुर शहर में कॉलेज पढ़ते समय की जिन्दगी को शब्दों में पिरोया है. यह कॉलेज लाइफ नब्बे के दशक की है जिसमे विद्यार्थी जीवन के गुजरे हुए सुनहरे दिनों का चित्रण है.

मैं लड़की हूँ इसमें मेरा कसूर क्या है?

जो तुम होती पूर्णमासी के चाँद के माफिक

हिंदी प्रेम प्रदर्शन के लिए प्रतिवर्ष हिंदी दिवस आता है

यही जवानी का गुरुर है