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अजीतगढ़ के गायक आशुतोष भट्ट ने पुष्पांजलि संगीत संध्या में समा बांधा

Ajeetgarh
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अजीतगढ़ के गायक आशुतोष भट्ट ने पद्मभूषण से पुरुष्कृत गजल सम्राट जगजीत सिंह की पुण्य तिथि पर गंगानगर में आयोजित पुष्पांजलि संगीत संध्या कार्यक्रम में “शाम से आंख में नमी सी है,” “पंजाबी टप्पा कोठे ते आ माहिया,” “भजन हे कृष्ण गोपाल हरि” जैसी जगजीत सिंह की प्रसिद्ध रचनाओं को श्रोताओं के समक्ष पेश कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

यह कार्यक्रम शहर के नामी नोजगे पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय कला मन्दिर, नोजगे स्कूल और राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जोधपुर, जयपुर और स्थानीय कलाकारों ने जगजीत सिंह को स्वरांजलि देते हुए एक से बढ़कर एक गजल व गीत पेश कर समा बांध दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी जगजीत सिंह के गीत “होठों से छू लो तुम” की पंक्तियाँ सुनाकर गजल सम्राट को श्रद्धांजलि अर्पित की।

गौरतलब है कि गजल सम्राट जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी 1941 को हुआ था। लाखों दिलों को अपनी नज्मों और गजलों से छूने वाले जगजीत सिंह गंभीर बीमारी से जूझते हुए अपने पीछे एक सुरीला संसार छोड़ 10 अक्टूबर 2011 को इस दुनिया से चले गए। भले ही जगजीत सिंह आज हमारे बीच मौजूद नहीं हैं लेकिन उनकी गाई हुई गजलें आज भी लोगों के मन में ताजा है।

भारत में सालों तक गजल गायकी का चेहरा बने रहे जगजीत सिंह के प्रशंसक पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। जगजीत सिंह को साल 2003 में भारत सरकार के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण से नवाजा जा चुका है। जगजीत सिंह ने लता मंगेशकर के साथ एक खास एल्बम 'सजदा' पेश किया था जो बहुत प्रचलित हुआ था।

अजीतगढ़ के गायक आशुतोष भट्ट ने पुष्पांजलि संगीत संध्या में समा बांधा
Singer Ashutosh Bhatt of Ajeetgarh celebrates Pushpanjali Musical Evening

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