Dhara 144 effect in Shrimadhopur

Udaipur Me Bhar Rahe Mele Lekin Shrimadhopur Me Permission Nahi, उदयपुर में भर रहे मेले लेकिन श्रीमाधोपुर में परमिशन नहीं

श्रीमाधोपुर कस्बे में तीज पर्व पर इस बार भी तीज की सवारी नहीं निकाली‎ जाएगी. कोविड के बाद अब इस बार धारा 144 लागू होने के कारण‎ उपखंड प्रशासन की ओर से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण तीज की‎ सवारी नहीं निकाली जाएगी.

प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने‎ पर लोकपर्व श्रावणी तीजमाता की सवारी पारंपरिक नायनका जोशी हवेली‎ से बाहर नहीं आएगी और स्टेडियम में लगने वाला मेला भी नहीं लगेगा.

इस बार ‎31 जुलाई रविवार को तीज माता की प्रतिमा को नायन का जोशी हवेली में ही‎ विराजित किया जायेगा ताकि लोग पूजन और दर्शन कर सके.

Fairs are organising in Udaipur but no permission in Shrimadhopur

श्रीमाधोपुर में पहले जगन्नाथ रथयात्रा और बाद में अब तीज की सवारी के लिए प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल पाना निराशाजनक और अजीबोगरीब सा लग रहा है.

यह सही है कि जिस प्रकार से श्रीमाधोपुर में अग्नीवीर योजना का विरोध प्रदर्शन हुआ था उसे देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है, लेकिन प्रशासन को शांतिपूर्ण ढंग से होने वाले धार्मिक कार्यों के लिए स्वीकृति के लिए सोचना चाहिए.

Also Read श्रीमाधोपुर में महीने के आखिरी दिन बाजार रहेंगे बंद

गौरतलब है कि जगन्नाथ रथ यात्रा में जिस तरह मंदिर के बाहर लोग इकठ्ठा हुए हैं, वह सबके सामने है. इस देखकर लगता है कि या तो प्रशासन आदेश की पालना करवाता या फिर अनुमति दे देता.

Jagannath Rath Yatra

इसके साथ ही सीकर में सीएमएचओ डॉ अजय चौधरी ने गाड़ी चलाकर अपने चालक महावीर को विदाई दी जिसमे कई लोग इकट्ठे हुए तो क्या यह विदाई देना धारा 144 का उल्लंघन नहीं है? यहाँ पर इतने लोग कैसे इकट्ठे हो गए?

यह बड़ा प्रश्न है कि जब उदयपुर में मेले और त्यौहार मनाने की स्वीकृति दी जा सकती है तो फिर श्रीमाधोपुर में क्यों नहीं?

उदयपुर में घटी जिस घटना की वजह से पूरे राजस्थान में धारा 144 लगाईं गई थी उस उदयपुर में तो मेले भर रहे हैं, त्यौहार मनाये जा रहे हैं लेकिन श्रीमाधोपुर में धारा 144 लागू होने की वजह से स्वीकृति नहीं मिल पा रही है.

त्यौहार प्रेम और भाईचारे का सन्देश देते हैं और सामाजिक जीवन में इनका मनाये जाना बहुत जरूरी है. कोरोना की वजह से वैसे ही पिछले दो वर्षों से त्योहारों पर संकट छाया हुआ है और अब धारा 144 में इन पर पानी फेर दिया है.

सीकर के अलावा दूसरे जिलों में इन कार्यों के लिए परमिशन मिलना समझ से परे है. आखिर सीकर जिले में इन कार्यों के लिए परमिशन क्यों नहीं दी जा रही है? प्रशासन को इस बारे में एक बार सोचना होगा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और चूक कहाँ हो रही है.

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी इसके सोर्स पर आधारित है एवं कोई भी सूचना, तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार Shrimadhopur.com के नहीं हैं. आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति Shrimadhopur.com उत्तरदायी नहीं है.

Connect With Us on YouTube

SMPR City
Ramesh Sharma

SMPR City Articles

  • कभी 5 बीघा भूमि में फैला हुआ था रघुनाथ मंदिर

    Kabhi 5 Bigha Bhoomi Me Faila Hua Tha Raghunath Mandir
     
  • अर्जुन पुरस्कार विजेता बास्केटबॉल खिलाड़ी राधेश्याम बिजारनियाँ

    Arjun Awardee Basketball Player Radheshyam Bijarniya
     
  • स्वतंत्रता सेनानी मालीराम सैनी इतिहास और जीवनी

    Freedom Fighter Maliram Saini History and Biography