हर्षत माता मंदिर आभानेरी दौसा

हर्षत माता मंदिर आभानेरी दौसा - दौसा जिले का आभानेरी कस्बा अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों की वजह से विश्व में अनूठा स्थान रखता है.

चाँद बावड़ी आभानेरी दौसा

चाँद बावड़ी आभानेरी दौसा - दौसा जिले के आभानेरी गाँव में स्थित चाँद बावड़ी अपने वास्तु, स्थापत्य एवं गहराई के लिए सम्पूर्ण विश्व में इकलौती मानी जाती है.

जगदीश मंदिर जगदीशपुरी अजीतगढ़ सीकर

जगदीश मंदिर जगदीशपुरी अजीतगढ़ सीकर - सीकर जिले में अजीतगढ़ कस्बे के पास में स्थित अरावली की पहाड़ियों में कई दर्शनीय स्थल हैं.

कालका माता मंदिर अमरसर जयपुर

कालका माता मंदिर अमरसर जयपुर – अमरसर कस्बा शेखावाटी के संस्थापक राव शेखाजी की जन्मस्थली होने के अतिरिक्त कालका माता की भूमि होने की वजह से सम्पूर्ण भारतवर्ष में जाना जाता है.

सालासर बालाजी मंदिर सालासर धाम चूरू

सालासर बालाजी मंदिर सालासर धाम चूरू - राजस्थान के चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील में स्थित सालासर कस्बा विश्व प्रसिद्ध बालाजी के मंदिर की वजह से सालासर धाम के रूप में परिवर्तित होकर एक धर्मनगरी के रूप में जाना जाता है.

खाटूश्याम मंदिर खाटूश्यामजी सीकर

खाटूश्याम मंदिर खाटूश्यामजी सीकर - सीकर जिले का खाटूश्यामजी कस्बा बाबा श्याम के मंदिर की वजह से सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है. बाबा श्याम की इस पावन धरा को खाटूधाम के नाम से भी जाना जाता है.

विजयपुरा गढ़ श्रीमाधोपुर सीकर

विजयपुरा गढ़ श्रीमाधोपुर सीकर - राजस्थान की पहचान ऐतिहासिक धरोहरों की वजह से सम्पूर्ण भारत में है. यहाँ पर हर तीस चालीस किलोमीटर की दूरी पर कोई न कोई महल, गढ़ या किला बना हुआ है.

भैरव मंदिर रींगस सीकर

भैरव मंदिर रींगस सीकर - सीकर जिले का रींगस कस्बा भैरव मंदिर की वजह से अपनी एक अलग पहचान रखता है. इस कस्बे में भैरूजी का प्राचीन मंदिर स्थित है.

ओमल सोमल देवी मंदिर सलेदीपुरा सीकर

ओमल सोमल देवी मंदिर सलेदीपुरा सीकर - सीकर जिले में कई धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल ऐसे भी हैं जो प्राचीन होने के साथ-साथ शिल्प एवं वास्तु कला का नायाब उदहारण हैं. इन्ही में से एक है सलेदीपुरा का ओमल सोमल देवी मंदिर.

रींगस फोर्ट रींगस सीकर

रींगस फोर्ट रींगस सीकर - सीकर जिले का रींगस कस्बा प्रसिद्ध भैरव मंदिर की वजह से अपनी एक अलग ही पहचान रखता है. परन्तु बहुत कम लोग जानते हैं कि इस कस्बे में एक ऐतिहासिक धरोहर भी मौजूद है.

खण्डेलवाल वैश्य धाम खंडेला सीकर

खण्डेलवाल वैश्य धाम खंडेला सीकर – सीकर जिले का खंडेला कस्बा ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ खंडेलवाल वैश्य समाज का उद्गम स्थल भी है.

नृसिंह मंदिर खंडेला सीकर

नृसिंह मंदिर खंडेला सीकर - सीकर जिले का खंडेला कस्बा ऐतिहासिक होने के साथ-साथ धार्मिक नगरी के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखता है. कस्बे में लगभग 150 फीट ऊँची पहाड़ी पर भगवान नृसिंह का सवा छः सौ वर्ष पुराना मंदिर है.

अजीतगढ़ का किला सीकर

अजीतगढ़ का किला सीकर - सीकर जिले की श्रीमाधोपुर तहसील में स्थित अजीतगढ़ कस्बा समय के साथ कदमताल करते हुए प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यह श्रीमाधोपुर कस्बे से लगभग 30 किलोमीटर तथा राजधानी जयपुर से लगभग 66 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

करमेती बाई का खंडेला में जन्म स्थान

करमेती बाई का खंडेला में जन्म स्थान - सीकर जिले का खंडेला कस्बा पौराणिक होने के साथ-साथ एक ऐसी शख्सियत की जन्म स्थली भी रहा है जिसने अपनी भक्ति की शक्ति से भगवान कृष्ण को साक्षात दर्शन देने के लिए मजबूर कर दिया.

शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियाँ

शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियाँ - राजस्थान की धरती अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक धरोहरों की वजह से सम्पूर्ण विश्व में अपना अलग ही स्थान रखती है.

story of maharana pratap

Story of Maharana Pratap - Maharana Pratap was born in the Kumbhalgarh fort on 9th May, 1540 CE (Vikram Samvat 1597, Jyeshta Shukla Tritiya).

rao chandrasen and mughal campaign against him

Rao Chandrasen and Mughal campaign against him - Rao Chandrasen was one of the most famous rulers of Jodhpur.

battle between rana sanga and babur

Battle between Rana Sanga and Babur - Babur was the first Mughal emperor to invade upon India. Babur founded the Mughal empire in India, after defeating Ibrahim Lodi in the Battle of Panipat in 1526 CE.