Virat and Company Ke Liye Challenge

Virat and Company Ke Liye Sustainability Ka Challenge, विराट एंड कंपनी के लिए सस्टेनेबिलिटी का चैलेंज

हाल ही में संपन्न हुई भारत-दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन को भूतपूर्व महान खिलाड़ियों ने मिलाजुला बताया।

गौरतलब है कि भारत ने टेस्ट सीरीज 2-1 के अंतर से गवाई, कहानी कुछ अलग भी हो सकती थी अगर बल्लेबाजों ने शुरुआती मैचों में मिले हुए मौके भुनाए होते।

Sustainability challenge for Virat and Company

किसी विद्वान ने कहा है अगर आप अपनी हार में भी सकारात्मक चीजें ढूँढते हैं तो आपके लिए आगे की राह आसान हो जाती है इसलिए मैं भी यहाँ पर नकारात्मक बिन्दुओं को ना उठाकर सिर्फ सकारात्मक चीजों को ही पॉइंट आउट करूंगा।

विश्वस्तरीय गेंदबाजी

भारतीय गेंदबाजों ने सीरीज में पूरे 60 विकेट चटकाए। उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ने विदेश में ऐसा प्रदर्शन कभी भी नहीं किया था। भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा, हार्दिक पांड्या और आर अश्विन जिसे भी मौका मिला उसने प्रभावित किया।

इसी को कप्तान विराट कोहली ने सबसे सकारात्मक चीज भी बताया। यह प्रदर्शन गेंदबाजों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आगामी विदेशी दौरों (इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड) में भी काफी लाभदायक रहेगा।

यहाँ एक मात्र कमी यह रही कि शुरुआती दो-तीन झटके देने के बाद गेंदबाज थोड़े से बेफिक्र हो गए और साउथ अफ्रीका ने छोटी ही सही लेकिन साझेदारियां बनाई। अगर ओवरऑल देखा जाए तो प्रदर्शन बहुत शानदार रहा।

विराट 'रिकॉर्ड' कोहली

यहाँ हम कप्तान विराट कोहली के प्रदर्शन को दो भागों में विभाजित करेंगे जिनमे पहला कप्तानी और दूसरा बल्लेबाजी है।

(1) कप्तानी

सीरीज के शुरुआती दो मैचों में उप कप्तान अजिंक्या रहाणे और दूसरे मैच में भुवनेश्वर कुमार (जिन्होंने पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया) को बाहर बैठाया जिससे उनकी काफी आलोचना हुई।

रहाणे को न खिला-पाने का अफसोस कोहली को खुद भी था पर उन्होंने तर्क दिया कि उन्होंने रोहित को हाल ही के प्रदर्शन के आधार पर रहाणे की जगह तरजीह दी। बाद में इस बात से सबक लेते हुए उन्होंने तीसरे मैच में रहाणे और भुवनेश्वर कुमार दोनों को खिलाया।

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चूँकि विराट कोहली का बतौर कप्तान एशिया के बाहर वेस्टइंडीज को छोड़कर पहला दौरा था। इस दौरे से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा और आगे हम देखेंगे कि उनकी कप्तानी में सुधार आएगा।

(2) बल्लेबाजी

पहले मैच में बल्ले और कप्तानी दोनों से निराश करने वाले विराट कोहली आलोचकों के निशाने पर थे पर दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में शानदार 154 रन बनाकर उन्हें आलोचकों को करारा जवाब दिया।

यह किसी भारतीय बल्लेबाज की विपरीत परिस्थितियों में खेली गई एक शानदार पारी थी। बाद में उन्होंने तीसरे मैच में 54 और 41 रनों की दो शानदार पारियां और खेली। कोहली ने पूरी टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा 286 रन बनाए।

टीम में विदेश में अच्छा करने की क्षमता

दो टेस्ट मैचों में हार के बाद जहाँ भारतीय टीम को तीसरे मैच में अपनी साख बचानी थी। जोहानिसबर्ग में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका को 63 रन से हराया, यह जीत काफी बड़ी थी और इसे एक ऐतिहासिक जीत कहा जाए तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इस जीत से टीम का काफी आत्मविश्वास बढ़ा हैं जो वनडे सीरीज में देखने को मिला।

निष्कर्ष

विश्व क्रिकेट में अपने घर पर मजबूत 'सेना' (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड एवं ऑस्ट्रेलिया) जिनमें साउथ अफ्रीका में भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा लेकिन अब देखने की बात होगी कि आने वाले 1 साल में जहाँ भारतीय टीम को इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेलना है, वहाँ प्रदर्शन कैसा रहता है। आशा है कि भारतीय टीम वहाँ अच्छा प्रदर्शन करेगी।

Written By

Keshav Sharma

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