नर्सिंग में करियर तथा रोजगार के अवसर

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देश के कुल हेल्थ केयर वर्कफोर्स का लगभग 30 प्रतिशत से ऊपर हिस्सा नर्सिंग प्रोफेशनल्स का है। इंडियन नर्सिंग कौंसिल के अनुसार देश में रजिस्टर्ड नर्सिंग प्रोफेशनल्स की संख्या लगभग 20 लाख से अधिक है तथा हमें अन्तराष्ट्रीय मापदंडों को पूर्ण करने के लिए लगभग 15 लाख नर्सिंग प्रोफेशनल्स की और अधिक आवश्यकता है।

हेल्थ केयर इंडस्ट्री के तेजी से विस्तारित होने के कारण भविष्य में नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग में भारी इजाफा होने की पूरी-पूरी उम्मीद है। बढती हुई मांग, आसान एंट्री, बेहतर पैकेज के साथ-साथ मनचाही नौकरी की वजह से यह क्षेत्र छात्रों के लिए करियर का एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

हेल्थ केयर सेक्टर का देश की जीडीपी में लगभग 5 प्रतिशत के आस-पास का योगदान है तथा जनसंख्या में वृद्धि की वजह से इसे लगभग 10 प्रतिशत तक ले जाने की जरूरत है। अभी तक हमारे देश मे लगभग 2500 की आबादी पर एक नर्स मौजूद है जबकि विकसित देशों में लगभग 200 लोगों पर एक नर्स है। नर्स डॉक्टर अनुपात भी काफी खराब है क्योंकि दो डॉक्टरों पर एक नर्स ही मौजूद है।

इस फील्ड में एंट्री के दो रास्ते होते हैं जिनमे पहला मिडवाइफरी कोर्स तथा दूसरा डिग्री कोर्स। मिडवाइफरी कोर्स दो तरह के होते हैं जिनमे पहला एएनएम (औक्सिलिअरी नर्स मिडवाइफरी) तथा दूसरा जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी)।

एएनएम कोर्स डेढ़ से दो वर्ष की अवधि का होता है तथा इसमें प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना है। जीएनएम कोर्स की अवधि साढ़े तीन वर्ष की होती है तथा इसमें प्रवेश के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी के साथ बारहवीं कक्षा पास होना जरूरी है। नर्सिंग की डिग्री कोर्स का नाम बीएससी नर्सिंग होता है जो कि चार वर्षीय डिग्री कोर्स होता है तथा इसमें प्रवेश के लिए भी फिजिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी के साथ बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक्क होता है।

नर्सिंग का कोई भी कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए नौकरी के अवसर सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्रों में है। इन्हें अस्पताल, नर्सिंग होम, हेल्थ डिपार्टमेंट, रेलवे, आर्मी, फैक्ट्री तथा इंडस्ट्रियल सेक्टर सभी में नियुक्ति मिल जाती है।

सरकारी क्षेत्र में नर्सिंग का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों का सालाना पैकेज डेढ़ से दो लाख रूपए तक का होता है तथा यह अनुभव के साथ-साथ बढ़ता जाता है। प्राइवेट सेक्टर तथा मिलिट्री अस्पतालों में शुरुआती सालाना पैकेज तीन से साढ़े तीन लाख रूपए तक का होता है। भारतीय नर्सों की अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड तथा अरब देशों में बहुत मांग है तथा वहाँ पर सालाना पैकेज भी भारत के मुकाबले दोगुना होता है।

जैसे-जैसे हेल्थ केयर इंडस्ट्री का विकास हो रहा है वैसे-वैसे नर्सिंग प्रोफेशनल्स की भूमिका में भी काफी बदलाव आ रहा है। उन नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग बढती जा रही है जिन्होंने नर्सिंग में मास्टर डिग्री या फिर पीएचडी अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट में कोई कोर्स कर रखा होता है। ऐसे छात्रों के लिए बेहतर पैकेज के साथ-साथ करियर ग्रोथ के मौके भी अधिक होते हैं।

नर्सिंग में करियर तथा रोजगार के अवसर
Careers and job opportunities in nursing

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