क्या आपने श्रीमाधोपुर के इस तालाब की सैर की है - क्या आपने कभी किसी से श्रीमाधोपुर में स्थित तालाब के बारे में सुना है?

अगर आप श्रीमाधोपुर में रहते हैं तो आप सोच रहे होंगे कि हमने तो इस कस्बे में आज तक ना तो किसी तालाब के बारे में सुना है और ना ही देखा है.

तो आइये, हम आपको इस तालाब के सम्बन्ध में बताते हैं. यह तालाब सरदार पटेल महाविद्यालय से हावड़ा मोड़ की तरफ जाने वाली सड़क पर महात्मा गाँधी महाविद्यालय के मुख्य दरवाजे के सामने की तरफ स्थित है.

अभी कुछ समय पूर्व तक यह तालाब मुख्य सड़क को पूरी तरह से लील गया था. राहगीरों को सड़क नाव से तो नहीं पर बड़े जतन के साथ पार करनी पड़ती थी. बाद में शायद नगरपालिका के या किसी और के प्रयासों से इस तालाब की सीमा को कम करके रास्ते पर मिट्टी भरकर पैदल आवगमन सुलभ करवाया गया.

ऐसा लगता है कि इस तालाब का निर्माण नगरपालिका के अथक प्रयासों से हुआ है. नगरपालिका प्रशासन का पूर्ण प्रयास है कि वह इस तालाब के भराव क्षेत्र को अधिक से अधिक विस्तार दे. इस कार्य के लिए आस पास के रिहाइशी इलाकों से गंदे पानी की आवक जारी है तथा नगरपालिका ने आँखे मूंद रखी है.

नगरपालिका प्रशासन ने इस पानी की निकासी का उचित प्रबंध ना करके इस तालाब की सुन्दरता में चार चाँद लगाने का पूर्ण प्रयास किया है. महात्मा गाँधी कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ राहगीर भी गुजरते समय इस तालाब की तरफ से आने वाली सुगन्धित बयार को महसूस करते हैं तथा मन ही मन नगरपालिका प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं.

क्या आपने श्रीमाधोपुर के इस तालाब की सैर की है

तालाब के स्वच्छ जल में चारों तरफ फैली काई तथा इस पर भिनभिनाती हुई मक्खियाँ ऐसी लगती है जैसे वे सब मिलकर नगरपालिका से इस सम्पूर्ण भराव क्षेत्र को एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की गुहार लगा रही है. क्या पता नगरपालिका प्रशासन गुप्त रूप से इस गुहार को मूर्त रूप देकर कस्बेवासियों को नववर्ष पर कोई उपहार देना चाहता हो.

इतिहास के मुताबिक श्रीमाधोपुर कस्बे की स्थापना जयपुर राज दरबार के प्रधान दीवान खुशाली राम बोहरा ने चौपड बाजार में तालाब की पाल के पास एक खेजड़ी का पेड़ लगाकर की थी. शायद नगरपालिका प्रशासन श्रीमाधोपुर कस्बे में 260 वर्षों पश्चात पुनः एक तालाब बनाना चाहता है.

इस प्रकार की योजना को अंजाम देने में स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ-साथ नगरपालिका प्रशासन सक्षम है क्योंकि पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में श्रीमाधोपुर नगरपालिका को सीकर जिले में प्रथम तथा राजस्थान में सातवाँ स्थान प्राप्त हुआ था.

अगर राजस्थान में सातवाँ स्थान प्राप्त होने पर तालाब बनाया जा सकता है तो फिर प्रथम स्थान मिलने पर झील का निर्माण निश्चित रूप से हो जाएगा.

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