एक पुरानी कहावत है कि पूत के पैर पालने में ही दिख जाते हैं। जिनके दिलों में कुछ कर गुजरने की तमन्ना होती है वे बचपन में ही इस बात का आभास करा देते हैं कि भविष्य उनका होने वाला है। ऐसे ही प्रतिभा संपन्न व्यक्तित्व के धनी है श्रीमाधोपुर की अजीतगढ़ उपतहसील की ग्राम पंचायत सिहोड़ी की ढाणी नीमड़ी वाली के निवासी ओमप्रकाश मिठारवाल।

एक साधारण कृषक परिवार में पैदा हुए ओमप्रकाश के पिता का नाम सज्जन सिंह तथा माता का नाम शांति देवी है। पिता कृषक तथा माता गृहिणी हैं। बचपन से ही इनकी रूचि निशानेबाजी में रही है तथा आलम यहाँ तक था कि ये बचपन में गाँव के बच्चों के साथ खेलने समय गुलेल से निशानेबाजी का अभ्यास करते थे।

ओमप्रकाश का जन्म 15 अगस्त 1995 को हुआ तथा इनकी सेकेंडरी स्तर तक की शिक्षा अपने गाँव में ही संपन्न हुई। इसके बाद इन्होंने सीकर के एक निजी स्कूल से सीनियर सेकेंडरी की परीक्षा विज्ञान विषय के साथ उत्तीर्ण की।

वर्ष 2013 में इनका भारतीय सेना में चयन हो गया। सेना में भी इनका मन निशानेबाजी के लिए मचलता रहता था। निशानेबाजी के प्रति इनके जुनून की वजह से इन्हें सेना ने निशानेबाजी में पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाए। सेना की देखरेख में इन्होंने दिल्ली में निशानेबाजी का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।

धीरे-धीरे ओमप्रकाश ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया। सर्वप्रथम इन्होंने दिसम्बर 2015 में 50 मीटर पिस्टल निशानेबाजी की राष्ट्रीय स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसके बाद इन्होंने सीनियर तथा जूनियर स्तर की टीम स्पर्धाओं में गोल्ड मैडल जीता। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजय प्राप्त करने के पश्चात इन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तरफ रूख किया।

अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ओमप्रकाश ने सफलता प्राप्त करनी शुरू कर दी तथा मार्च 2018 में मेक्सिको के गुआदालाजारा में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप प्रतियोगिता की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हरियाणा के झज्जर की मनु भाकर के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

प्रतियोगिता के फाइनल में ओम प्रकाश तथा मनु भाकर की जोड़ी ने 476.1 अंक प्राप्त आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सोने पर निशाना साधा।

इसके पश्चात अप्रैल 2018 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित 21वें कामनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट 2018) में भी पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल निशानेबाजी स्पर्धा में ओमप्रकाश मिठारवाल ने कांस्य पदक जीता है। ओमप्रकाश ने क्वालिफिकेशन राउंड में उम्दा प्रदर्शन करते हुए कामनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया था। ओमप्रकाश मिठारवाल ने स्टेज-1 में 49.0 और 98.1 का स्कोर किया तथा स्टेज-2 एलिमिनेशन मिलाकर उन्होंने 214.3 का स्कोर किया।

ओमप्रकाश यहाँ पर ही नहीं रुके तथा दो दिन पश्चात पुनः 50 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया। दूसरा कांस्य पदक जीतने के साथ ही ओमप्रकाश भारत के दूसरे ऐसे खिलाड़ी हो गए हैं जिन्होंने इन कामनवेल्थ खेलों में दो कांस्य पदक जीते हैं।

ओमप्रकाश की इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा खेलमंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठोड़ ने बधाई दी है। अभी कुछ दिनों पहले श्रीमाधोपुर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने भी कॉमनवेल्थ खेलों में ब्रॉन्ज मैडल जीतने पर ओमप्रकाश मिठारवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी तथा इनके पिता श्री सज्जनसिंह, माता शांति देवी और अन्य परिजनों को सम्मानित किया।

ओमप्रकाश फिलहाल इंदौर के पास मऊ में सेना में पदस्थापित है। इनकी पत्नी अंजू गाँव में ही रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रही है।

ओमप्रकाश के बारे में जानकर बस यही लगता है कि भारत के हर गाँव तथा हर ढ़ाणी में प्रतिभाएँ छिपी हुई है बस आवश्यकता है तो सिर्फ उन प्रतिभाओं को परखकर निखारने की। ना जाने कब ऐसी प्रतिभाएँ ओमप्रकाश की तरह पदकों के ढेर लगाकर सम्पूर्ण विश्व में अपने देश के साथ-साथ अपने राज्य, अपने जिले, अपनी तहसील तथा अपने गाँव का नाम रोशन कर दे।

श्रीमाधोपुर के पदकवीर निशानेबाज ओमप्रकाश मिठारवाल Gold medalist shooter om prakash mitharwal