कोलकाता महानगर के निवासी तथा श्रीमाधोपुर के प्रवासी बंधु अपने पुरखों की जन्मस्थली से दूर रहकर भी इसकी चतुर्दिक प्रगति तथा विकास के सम्बन्ध में प्रयत्नशील रहे हैं। श्रीमाधोपुर की शैक्षणिक संस्थाओं में इन प्रवासी बंधुओं का बहुत योगदान रहा है।

इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए श्रीमाधोपुर नागरिक परिषद् संस्था विगत अनेक वर्षों से कोलकाता में प्रवासी बंधुओं के सहयोग से जोर शोर से कार्य कर रही थी। परिषद् द्वारा प्रतिवर्ष स्मारिकाओं का प्रकाशन किया जाता रहा है। इन स्मारिकाओं में श्रीमाधोपुर की उत्पत्ति, इतिहास एवं विकास क्रम पर कई सारगर्भित लेखों का प्रकाशन तथा संपादन किया गया।

श्रीमाधोपुर के विकास, शिक्षा, औषधालय एवं चिकित्सा के क्षेत्र में महावीर चौधरी, अधिवक्ता पंडित जगदीश नारायण शर्मा (लोकनाथका) एवं वैध पूर्णानंद शास्त्री जैसे विद्वानों द्वारा अनेक लेख प्रकाशित किए गए। संपादक मंडल में स्वर्गीय महावीर प्रसाद चौधरी, सागर मल गुप्ता, स्वर्गीय बनवारी लाल सोबका आदि का प्रमुख योगदान रहा।

श्रीमाधोपुर में एक अच्छे पुस्तकालय का अभाव कई वर्षों से परिषद् के सदस्यों एवं ट्रस्टी बोर्ड के समक्ष खटक रहा था। इस बात को ध्यान में रखते हुए परिषद् की साधारण वार्षिक सभा में श्रीमाधोपुर में पुस्तकालय हेतु भवन निर्माण का निर्णय लिया गया जिसका समर्थन विमल चौधरी, द्वारका प्रसाद हरभजनका, रमेश मानपुरिया, सीताराम पटवारी एवं अन्य सभी प्रवासी बंधुओं ने एकमत से समर्थन किया।

तत्पश्चात इस कार्य हेतु सागर मल गुप्ता एवं कैलाश प्रसाद चौधरी के सुझाव पर “श्रीमाधोपुर नागरिक परिषद् सेवा ट्रस्ट” के नाम से ट्रस्ट बोर्ड का गठन हुआ। ट्रस्ट के प्रारंभ में 10 ट्रस्टी बनाए गए थे। ट्रस्ट के अध्यक्ष बनवारी लाल सोबका तथा विमल कुमार चौधरी सचिव नियुक्त हुए।

वर्ष 1982 में स्वर्गीय नन्दलाल परवाल के सुपुत्रों ने स्टेशन रोड पर स्थित अपनी भूमि पुस्तकालय निर्माण हेतु ट्रस्ट को उपहारस्वरूप प्रदान की। पुस्तकालय भवन का निर्माण कार्य स्वर्गीय औघड़ मल चौधरी ने श्रीमाधोपुर में रहकर अपनी देखरेख में द्रुतगति से संपन्न करवाया।

पुस्तकालय का उद्घाटन 2 अक्टूबर 1987 को विजयदशमी के पावन पर्व पर आचार्य धर्मेन्द्र तथा प्रकाश जावड़ेकर (वर्तमान केंद्रीय मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय) द्वारा किया गया। इस लोकार्पण कार्यक्रम में कोलकाता से परिषद् के कई सदस्यों सहित स्थानीय लोगों ने भी भारी तादात में शिरकत की।

ट्रस्ट के सचिव विमल कुमार चौधरी ने स्थानीय नागरिकों के आग्रह पर विगत 2 अक्टूबर 2016 को पुस्तकालय भवन में पुस्तकालय का स्थापना दिवस समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया। समारोह कार्यक्रम श्रीमाधोपुर विधायक झाबर सिंह खर्रा के मुख्यातिथ्य तथा बंशीधर चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

श्रीमाधोपुर नागरिक परिषद् सेवा ट्रस्ट के वर्तमान ट्रस्टियों में विमल कुमार चौधरी, सागर मल गुप्त, कैलाश प्रसाद चौधरी, विनोद कुमार परवाल, जगदीश प्रसाद चौधरी, उमाशंकर भूत, उत्तम चंद चौधरी, दुर्गा प्रसाद पटवारी एवं राजकुमार गोकुलका शामिल हैं।

इस प्रकार हम देखते हैं कि यह पुस्तकालय विगत 30 वर्षों से श्रीमाधोपुर ही नहीं वरन आस पास के क्षेत्र के लोगों को भी पुस्तकालय तथा वाचनालय की सुविधा देते आ रहा है। इस पुस्तकालय का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है परन्तु वर्तमान पर इस पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

वर्तमान में यह पुस्तकालय कस्बे के मध्य में नगरपालिका तथा बस स्टैंड के पास राजपथ पर स्थित है। इसमें लगभग चार हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं। पुस्तकों में मुख्यतया साहित्यिक, ऐतिहासिक, धार्मिक, शैक्षिक, उपन्यास तथा जीवनियों से सम्बंधित पुस्तकें प्रमुख है जिनमे रामायण, महाभारत, गुरू ग्रन्थ साहिब, भागवत गीता, बाल साहित्य, गाँधी साहित्य जैसी किताबों के साथ-साथ मुंशी प्रेमचंद, मैथलीशरण गुप्त, विलियम शेक्सपीयर जैसे साहित्यकारों की पुस्तकें उपलब्ध है।

किसी समय इसका वाचनालय भी काफी समृद्ध था जिसमे सभी तरह के पत्र पत्रिकाओं की प्रचुरता थी। वाचनालय में पाठकों की भीड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ पाठकों को बैठने के लिए जगह नहीं मिलती थी। हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा के सभी राष्ट्रीय समाचार पत्र हमेशा उपलब्ध रहते थे। इस पुस्तकालय में पढ़ाई करके बहुत से विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है।

पहले यह पुस्तकालय सुबह तथा शाम दो पारियों में खुलता था। वर्तमान में यह सुबह 9 बजे से 10 बजे तक केवल एक घंटे के लिए खुलता है। पिछले बीस वर्षों से पुस्तकालय अध्यक्ष की भूमिका रमेश टेलर निभाते आ रहे हैं।

श्रीमाधोपुर में स्थित नागरिक परिषद् पुस्तकालय Nagrik Parishad Pustkalaya Shrimadhopur