सरकार चाहे किसी भी राजनितिक दल की हो वह हमेशा सरकारी योजनाओं का राजनीतिकरण कर चुनाव में फायदा उठाने का प्रयास करती रहती है. इन सभी पार्टियों का यह प्रयास रहता है कि सभी सरकारी योजनाओं का प्रचार इस प्रकार की चतुराई के साथ किया जाए कि सरकारी योजनाओं के प्रचार के बहाने अपने राजनितिक दल का भी प्रचार हो जाए.

बिना किसी दवा के नेत्रज्योति कैसे बढाएँ - आधुनिक युग में इंसान भागदौड़ भरी जिंदगी जी रहा है. हर इंसान एक अजीब सी हड़बड़ी में है. किसी के पास भी अपने तय कार्यक्रमों के अतिरिक्त समय नहीं है. हर इंसान पता नहीं किस तरफ भाग रहा है.

Precaution and treatment of hypertension - Hypertension, high blood pressure, is a cardiovascular disorder. It is a silent, secret disorder which passes unnoticed.

The use of mouthwashes dates back to 2700 B.C. in China when people used to use salt water as a mouth rinse to treat gum diseases. The Greeks and Romans also used to use such preparations in olden times.

इन दिनों देश के किसी न किसी कोने से रोज नकली दवाइयों की खबरें आ रही है जिसकी वजह से देश में दवा निर्माण करने वाली सभी कंपनियों की साख पर भारी प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है। अधिकतर कंपनियाँ दवा निर्माण के लिए तय मानकों की पालना नहीं कर रही है और सरकार संसाधनों के अभाव में कुछ नहीं कर पा रही है।

हम सभी बीमार होते रहते हैं अतः रोजमर्रा की जिन्दगी में हमारा वास्ता अमूमन प्रिस्क्रिप्शन से पड़ता रहता है। प्रिस्क्रिप्शन का सामान्य मतलब चिकित्सक द्वारा मरीज को लिखी गई वह पर्ची जिस पर रोग और उसको ठीक करने के लिए दी जाने वाली दवाइयों की जानकारी होती है। सामान्यतः इसे ‘डॉक्टर की पर्ची’ या फिर ‘दवाई की पर्ची’ कहा जाता है परन्तु इसका अंग्रेजी में वैज्ञानिक नाम प्रिस्क्रिप्शन होता है।

Walnuts seem to be one of the oldest tree foods known to man much before 7000 BC. Walnut trees are mostly found in Kashmir. Walnuts have special significance in Kashmiri Pundit culture. They have special importance during Shivratri festival.

प्रजनन क्षमता महिलाओं को जननी का रूप प्रदान करती है परन्तु बहुत बार यही प्रजनन क्षमता महिलाओं के लिए अतिरिक्त दर्द का एक हिस्सा भी बन जाती है। भगवान ने महिलाओं को लेबर पैन, डिलीवरी तथा गर्भपात जैसी पीड़ाएँ दी हैं तथा इन पीड़ाओं को सहन करने के लिए बहुत अधिक क्षमता तथा सामर्थ्य भी प्रदान किया है।

नमक का हमारे भोजन के साथ साथ हमारे जीवन में भी एक प्रमुख स्थान है। नमक के बिना भोजन की कल्पना करना भी असंभव है। नमक तो आजादी की लड़ाई से भी जुड़ा हुआ है जब गांधीजी में 1930 में दांडी यात्रा करके नमक कानून को तोडा था। नमक शब्द का प्रयोग कई कहावतों और फिल्मी गानों में भी प्रयुक्त हुआ है।

भगवान द्वारा रचित सभी रचनाओं में अगर कोई सबसे सुन्दर रचना है तो वह है मानव का शरीर। अभी तक मानव देह के बारे में जितना अध्ययन किया गया है अगर उसके बारे में ध्यान से सोचा जाए तो हम पाएँगे कि अभी तक भी इंसान मानव देह के रहस्यों को पूरी तरह से नहीं समझ पाया है।

यह बात हम बचपन से ही सुनते आए हैं कि गहरी तथा पर्याप्त नींद हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है। नींद हमारे शरीर की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। जिस प्रकार हमें जिन्दा रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर को पर्याप्त आराम की जरूरत होती है तथा यह आराम हमें गहरी नींद में ही मिल सकता है।

होली, रंगों तथा प्रेम का त्यौहार है। इस दिन दुश्मन भी सभी गिले शिकवे भुला कर आपस में गले मिल जाते हैं। आपसी प्रेम का प्रदर्शन एक दूसरे को रंग में रंगकर प्रकट किया जाता है। रंगों में मुख्यतया गुलाल तथा पक्के रंग काम में लिए जाते हैं।

इंसान बहुत खुशकिस्मत है कि उसने इस धरती पर जन्म लिया है जिस पर उसके साथ-साथ अन्य अनगिनत जीव जंतुओं ने भी जन्म लिया है। अभी तक ब्रह्माण्ड में ज्ञात सभी ग्रहों में से हमारी धरती ही एकमात्र ऐसा गृह है जिसपर जीवन है। हम भाग्यशाली हैं कि हमें धरती पर जीवन मिला है जिसे हम अपने मनपसंद तरीके से जीने के लिए स्वतंत्र है।

शराब, मदिरा, दारू और सुरा एक अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ है जिसका प्रमुख घटक एथेनॉल है। यह विभिन्न रूपों में पाई जाती है जैसे रम, चूलईया, व्हिस्की, महुआ, ब्रांडी, जीन, बीयर, हंड़िया, आदि। किसी में अल्कोहल की मात्रा कम और किसी में अधिक होती है परन्तु अल्कोहल सभी में होता है।

बदलते वक्त के साथ-साथ इंसान की जीवनचर्या भी बदलती जा रही है। जिस दिनचर्या को पुराने समय में सही नहीं माना जाता था वह दिनचर्या अब स्वीकार की जाने लगी है। बहुत कुछ इंसान से छूटता जा रहा है तथा इंसान प्रगति, वैभव के प्रदर्शन और आरामतलबी में दिन प्रतिदिन आलसी होता जा रहा है।

हम सभी बीमार पड़ते रहते हैं तथा बीमार होते ही हमें सबसे पहले दवाइयों की याद आती है। हम थोड़ी सी भी तकलीफ सहन करना नहीं चाहते और तुरंत दवा ले लेते हैं। बहुत बार तो हम बिना किसी डॉक्टर को दिखाए खुद ही अपनी मनमर्जी से दवा ले लेते हैं।

अधिकतर लोगों को खाना खानें के पश्चात कुछ न कुछ मीठा खानें का बहुत शौक होता है जिसे पूर्ण करने के लिए मिठाइयाँ प्रमुख रूप से खाई जाती है। खुशी के मौको पर भी मुँह मीठा करवानें का रिवाज सदियों से प्रचलित रहा है। हर त्यौहार और उत्सव पर कुछ न कुछ मीठा खाने का रिवाज रहा है।

Someone has rightly said that there is no life without food. Food lovers, nutritionists and food technologists should bear in mind that eating the right food combination is highly important for nutrition point of view.