शौक और जरूरत में बड़ा फर्क होता है। जरूरत अपने साथ मजबूरियों को जन्म देती हैं जबकि शौक हमेशा खुशियाँ ही पैदा करता है। अधिकतर लोगों का प्रथम लक्ष्य किसी विषय विशेष की पढ़ाई कर फिर उसी से सम्बंधित क्षेत्र में ही अपना भविष्य बनाने का होता है। बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जिन्होंने अपनी पढ़ाई लिखाई किसी एक क्षेत्र विशेष में की हो तथा अपना भविष्य किसी अन्य क्षेत्र में तलाशा हो।

Kunal Verma's school level education completed at Shrimadhopur and college level education completed at University of Rajasthan in Jaipur. He started his journey in 2002 from his hometown Shrimadhopur in Sikar district in Rajasthan.

फिल्मों का हमारे जीवन से बहुत गहरा सम्बन्ध है। फिल्में समाज का आईना होती है जिनका समाज पर बहुत गहरा असर होता है। फिल्मों में जो कुछ दिखाया जाता है वह हमारे जीवन पर काफी कुछ असर डालता है जैसे अगर किसी फिल्मीं अभिनेता ने कोई नई हेयर स्टाइल रखी हो तो उसके प्रशंसक उसी तरीके से अपने बाल बनाने लग जाते हैं।

एक तरफ साधारण आदमी जो जून की रोटी के लिए चौबीसों घंटे मशक्कत करता है वहीँ दूसरी तरफ फिल्मी दुनिया के सितारों के एक दिन की कमाई इतनी अधिक होती है कि साधारण आदमी के लिए कल्पना करना भी मुश्किल हो जाता है। स्वप्न में भी इस कमाई की कल्पना कर पाना एक स्वप्न के ही समान होता है।

नब्बे के दशक के पोपुलर बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी कल से प्रदर्शित होने वाली फिल्म ‘ए जेंटलमैन’ में नजर आने वाले है। इस फिल्म में सुनील के साथ-साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा और जैकलीन फर्नांडिस की जोड़ी भी नजर आने वाली है। सुनील एक बड़े अंतराल के बाद फिल्म इंडस्ट्री में वापसी कर रहे हैं।

कहते हैं कि कलाकार बनाए नहीं जा सकते हैं बल्कि कलाकार अपनी कला के साथ पैदा होते हैं। कला में रूचि तथा उसमे पारंगतता एक नैसर्गिक गुण होता है जिसका संवर्धन तो किया जा सकता है परन्तु उसे किसी में पैदा नहीं किया जा सकता है। विरले ही होते हैं जिन्होंने अपनी रूचि के विरुद्ध कोई कार्य किया हो तथा उसमे सफलता पाई हो। अगर माना जाए तो कला एक इबादत है और अगर कला का रूप संगीत हो तो फिर वह साक्षात देवी सरस्वती की वंदना होती है।

अस्सी के दशक में बॉलीवुड में नारी शक्ति के प्रदर्शन को लेकर बहुत सी फिल्में बनीं। इन फिल्मों के नयेपन तथा लीक से हटकर अलग कहानी ने दर्शकों के दिलों को छू लिया था। दर्शक इन फिल्मों में इतना खो जाते थे कि वह फिल्म की कहानियों से खुद को जोड़ लेते थे।

संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट वाले मामले में फिल्म उद्योग से मिली जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई है। कई फिल्मकारों तथा कलाकारों ने भंसाली के साथ हुई मारपीट का विरोध किया है परन्तु अधिकतर ने इस मसले पर प्रतिक्रिया देने से बचना चाहा है।

कहते हैं कि प्यार किया नहीं जाता है, हो जाता है तथा प्यार करने वालों के लिए धर्म, जाति का कोई मतलब नहीं रह जाता है। प्यार तो सिर्फ प्यार होता है जिसकी कोंपलें ह्रदय में अपने आप कब फूट जाती है ये खुद को भी पता नहीं चलता है।

सलमान खान अपने द्वारा प्रस्तुत रियलिटी शो बिग बॉस के ग्यारहवें संस्करण की कमाई को बताने में भले ही हिचकते हों परन्तु उन्होंने हाल ही में यह बताया कि उनकी पहली कमाई के बतौर उनको पचहत्तर रूपए मिले थे। वैसे सूत्रों के अनुसार सलमान बिग बॉस को होस्ट करने के लिए प्रति एपिसोड ग्यारह करोड़ रूपए की फीस चार्ज कर रहे हैं।

संगीत एक बहुत वृहद शब्द है जिसमे प्रमुख रूप से गायन और वादन शामिल है। संगीत के दुनियाभर में अनेक रूप मौजूद हैं और सभी लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संगीत से जुड़े रहते हैं। हम मूलतः पाश्चात्य और भारतीय संगीत को जानते हैं। पाश्चात्य और भारतीय संगीत में बहुत ज्यादा फर्क होता है।

फिल्मी दुनिया बड़ी निर्मम होती है। यहाँ पर सिर्फ चढ़ते हुए सूरज को ही सलाम किया जाता है। ढलते सूरज को कोई देखना भी पसंद नहीं करता है। ढलते हुए सूरज के पास सिवाए अन्धकार के कुछ भी नहीं रह जाता है। फिल्मी दुनिया में कलाकारों को सूरज ना कहकर सितारा कहा जाता है।